Friday, April 16, 2010

{10} गीतकार-गुलज़ार गायक-सुरेश वाडकर संगीतकार -इल्लाया राजा





















ए जिन्दगी, गले ला

गा लेहम ने भी, तेरे हर एक गम को

गले से लगाया है, हैं ना..

हम ने बहाने से, छुप के जमाने से

पलकों के परदे में, घर भर लिया

तेरा सहारा मिल गया हैं जिन्दगी

छोटा सा साया था, आँखों में आया था

हम ने दो बूंदो से, मन भर लिया

हम को किनारा मिल गया हैं जिन्दगी

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